बनारस सिर्फ़ एक नगरी मात्र नहीं। बनारस सिर्फ़ एक संस्कृति मात्र भी नहीं। बनारस एक इमोशन है, एक भाव है। क़तई ज़रूरी नहीं की यह भाव धार्मिक ही हो। हाँ इसका झुकाव अक्सर आध्यात्म की ओर होता है। मतलब यह कि जब हम इस सवाल का जवाब ढूँढने निकलते हैं कि बनारस क्या है, हम अपने आप से कई बार यह भी पूछते हुए पाए जाते हैं कि हम कौन हैं ? मानो बनारस का होना और हमारा होना एक तरह से जुड़ा हो। जियो बनारस इसी कनेक्शन को टटोलता है और नतीजा यह कि पाठक अपने आप को हर एक कविता में पाते हैं।


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Jiyo Banaras
बनारस सिर्फ़ एक नगरी मात्र नहीं। बनारस सिर्फ़ एक संस्कृति मात्र भी नहीं। बनारस एक इमोशन है, एक भाव है। क़तई ज़रूरी नहीं की यह भाव धार्मिक ही हो। हाँ इसका झुकाव अक्सर आध्यात्म की ओर होता है। मतलब यह कि जब हम इस सवाल का जवाब ढूँढने निकलते हैं कि बनारस क्या है, हम अपने आप से कई बार यह भी पूछते हुए पाए जाते हैं कि हम कौन हैं ? मानो बनारस का होना और हमारा होना एक तरह से जुड़ा हो। जियो बनारस इसी कनेक्शन को टटोलता है और नतीजा यह कि पाठक अपने आप को हर एक कविता में पाते हैं।
Meet The Author
Tedhi Medhi Lakeeren
₹270.00जैसे भारत की आज़ादी को समझने के लिए उसके विभाजन के बारे में जानना ज़रूरी है, उसी प्रकार विभाजन को अगर सही अर्थों में जानना है तो सीमा रेखा की यात्रा बहुत ज़रूरी है, हालाँकि आम आदमी के लिए उस रेखा पर घूमना-फिरना — फिर चाहे पंजाब हो या बंगाल न तो आसान है, न ही हमेशा संभव, फिर भी कवि ह्रदय बिश्वनाथ घोष की इच्छा शक्ति ने इस यात्रा को संभव बनाया। उन्होंने बटंवारे के बाद के दर्द को, अर्थ को, त्रासदी, निरर्थकता और विवशता को, इन कविताओं के ज़रिए जिया है, जो उन्होंने सीमा रेखा पर अपनी यात्राओं के दौरान रची हैं। इसी वजह से यह कविताएं और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
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₹280.00चॉकलेट खाने का सिलसिला
चलता ही रहता था
के बीच में आ टपके थे
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तब तक तो बेहद गरम हो जाना चाहिए था तंदूर
उस एक अकेले मकान में
Jiyo Banaras & Tedhi Medhi Lakeeren
Ek Jogan Zindagi
₹250.00साहित्य और रहस्य जगत के लिए स्नोवा बॉर्नो व सैन्नी अशेष नया नाम नहीं है। हंस, ज्ञानोदय, पहल वागर्थ, इंडिया टुडे, आउटलुक आदि सभी बड़ी पत्रिकाओं ने इनकी रचनाएँ और नामी प्रकाशकों ने इनकी पुस्तकें प्रकाशित की हैं। जनवरी 2008 से अचानक साहित्य और रहस्य-जगत में पहेली की भांति उभरे इन दोनों लेखकों की तस्वीरें तो सबने देखी हैं, लेकिन कहा जाता है कि स्नोवा बॉर्नो को सैन्नी अशेष के अलावा और किसी ने नहीं देखा है। ‘एक जोगन ज़िन्दगी’ जीवन दर्शन और सृष्टि के रहस्यों के पर्दे खोलता एक आनंदमय और प्रज्ञापूर्ण उपन्यास है। जिसमें सर्द मौसम ओढ़े पहाड़ आपको प्रेम की गहराईयों तक ले जाते हैं। ज़िन्दगी जोगन बन जाती है। ह्रदय में उतर जाती है।
Tedhi Medhi Lakeeren
₹270.00जैसे भारत की आज़ादी को समझने के लिए उसके विभाजन के बारे में जानना ज़रूरी है, उसी प्रकार विभाजन को अगर सही अर्थों में जानना है तो सीमा रेखा की यात्रा बहुत ज़रूरी है, हालाँकि आम आदमी के लिए उस रेखा पर घूमना-फिरना — फिर चाहे पंजाब हो या बंगाल न तो आसान है, न ही हमेशा संभव, फिर भी कवि ह्रदय बिश्वनाथ घोष की इच्छा शक्ति ने इस यात्रा को संभव बनाया। उन्होंने बटंवारे के बाद के दर्द को, अर्थ को, त्रासदी, निरर्थकता और विवशता को, इन कविताओं के ज़रिए जिया है, जो उन्होंने सीमा रेखा पर अपनी यात्राओं के दौरान रची हैं। इसी वजह से यह कविताएं और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
EK jogan zindagi & Sau Striyan Meri Zindagi mein
Amaltas wala Ishq
बारिश की आमद तक अमलतास गुज़िश्ता वक़्त की यादों सा साथ बना रहता है अमलतासी इश्क़ का मौसम, बेशक एक उम्र के साथ बीत चुका है पर हाँ अमलतास वाला इश्क़ इस किताब की शक्ल में तख़लीक हो चुका है जैसे तपते दिनों में आंखों का सुकून है अमलतास वैसे हज़ारों दिन हर दिन की ख़्वाहिश हर ख्वाहिश के पूरा होने को एक दिन मय्यसर होने का यक़ीन और उस यक़ीन पर यक़ीन होने की आस में गुजरे दिनों की हर याद गर्म मौसम में सुर्ख़ रूह हो जाती हैं और महक जाता है अमलतास वाला इश्क़ ।
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