Author: आर. चेतन क्रांति

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वीरता पर विचलित

युद्ध करने वाला सिर्फ युद्ध करेगा युद्ध से भागने वाला जायेगा, बसाएगा एक शहर युद्ध करने वाला सिर्फ युद्ध करेगा युद्ध से आँख बचाकर जानेवाला लेकर आएगा पता एक सुन्दर घाटी का युद्ध करने वाला सिर्फ युद्ध करेगा युद्ध को पीठ दिखानेवाला पीछे पलटकर देखेगा जीवित हहराता समुद्र मनुष्यता का

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शांति वार्ता

और अंत में हमने इंसानियत का हवाला दिया हमें यक़ीन था कि अब वह निरुत्तर हो जाएगा लेकिन वह ठठाकर हँसा इंसानियत उसके लिए सबसे कमज़ोर तर्क था सबसे हास्यास्पद। हमने बहुत अरमान से उसे तानाशाह कहा कि उसकी आँख नीची होगी पर उसकी छाती और फूल गई यह उसके लिए उपाधि थी। हमने चिल्लाकर […]

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वे हार जाएँगे

वे झूठ बोलेंगे वे चीख़कर झूठ बोलेंगे वे लगातार चीख़कर लगातार झूठ बोलेंगे तुम सच कहने के लिए हकलाओगे बेबस महसूस करोगे और हैरान होकर चुप हो जाओगे तुम समझ नहीं पाओगे कि इस तरह लगातार चीख़-चीख़कर कोई झूठ कैसे बोल सकता है पर तुम हारोगे नहीं। वे हार जाएँगे क्योंकि उनका सब झूठ है […]

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